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हिंदी कि तरह…(लखनऊ सत्ता की विशेष प्रस्तुति)

 

 

 

 

 

 

आशीष कुमार कंधवे

एक तमाशा बन कर रह गया हूँ

या कोई तमाशा कर रहा हूँ मैं

उसके इशारे पर

वैसे तो मैं  स्वतंत्र हूँ

और देश भी स्वतंत्र है

पर मैं कुछ नहीं कर सकता

क्योंकि

मैं एक

डरपोक………..

इमानदार……..

व्यक्तित्व का धनी हूँ

आज जहाँ  भी हूँ

डरा हुआ हूँ

सहमा हुआ हूँ

अस्तित्व का संकट

खड़ा हो गया है

अपनी मातृभाषा

हिंदी कि तरह

जितने कम बोलूं

उतना अच्छा….

एक तमाशा बन कर रह गया हूँ

या कोई तमाशा कर रहा हूँ मैं !!

3 Responses

  1. Dr.Ashok Kumar Tiwari says:

    मैं भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद से लिख रहा हूँ यहाँ जामनगर जिले में रिलायंस की आइल रिफायनरी है जहाँ इम्प्लाई के साथ बहुत बुरा सलूक होता है , देश और राष्ट्र भाषा हिंदी के खिलाफ खुलेआम बोला जाता है, समझाने पर मुझे नौकरी से भी हटा दिया गया है , आशा है आप इसे न्यूज़ में छापकर दिखायेंगे डिटेल इस प्रकार है :- Please see on this news sight :- http://www.newsvision.biz/index.php?id=213&page=national&nws=1657
    ” हिन्दी दिवस की कोटि-कोटि शुभकामनाएँ ” :- आज से लगभग एक साल पहले ( १४-९-१०) रिलायंस पेट्रोलियम जामनगर( गुजरात) के के.डी. अम्बानी विद्या मंदिर के प्राचार्य श्री एस. सुन्दरम ने प्रातःकालीन सभा में सभी के सामने कहा था “कौन बोलता है हिन्दी राष्ट्र भाषाहै, बच्चोंहिन्दी टीचरआपको मूर्खमानते हैं ऐसा संविधान में कहीं नहीं लिखाहै.”
    हिन्दी मीटिंग में मैंने इसके लिए निवेदन किया था कि ऐसी बातें बच्चों के सामने कहने से वो भाषा सीखने पर कम ध्यान देंगे. फलस्वरूप आज मैं रिलायंस स्कूल से बेइज्जत करके निकाल दिया गया हूँ तथा राष्ट्र भाषा के प्रति अपशब्द कहने वाले वहीं हैं., जंग का ऐलान हो गया है, आप सबकी सहायता चाहिए, ऐसे ही मार्ग दर्शन व सहयोग देते रहिये तो निश्चित जीत हमारी होगी !!!!!
    मुझे ये लोग पहले ही गलत इल्जाम लगाकर निकाल दिए हैं-(मै क्लास-१०के फर्स्ट टर्म की बोर्ड परीक्षा में परीक्षक था,मैंने हिन्दी एच.ओ.डी.के ओर्डर को स्वीकार करके बोर्ड पेपर के कारण प्राचार्य से क्न्फर्मेसन चाहा था पर उसे ये डिनाई ऑफ़ ड्यूटी कहकर मुझे निकाल दिए हैं जिस पर जाँच हो तो मैं निर्दोष हूँ पर ये ऐसा नहीं कर रहे हैं ) , मैंने गुजरात हाई कोर्ट में केस किया है , जिसकी सूचना व नोटिस इन लोगों को जा चुकी है पर कोर्ट को भी महत्व न देते हैं ,महामहिम राष्ट्रपति महोदया के कार्यालय से चीफ सेक्रेटरी गुजरात को तत्संबंधित पत्र भी आया है, पर ये उसे भी नहीं मान रहे हैं .(हमारा परिवार हिंदी विरोधी मानसिकता का शिकार हो रहा है, मेरे बच्चों तक को प्रताड़ित किया जा रहा है) कृपया मदद करें).
    इस पर आपकी सहायता चाहिए जिससे रिलायंस और के०डी० अम्बानी स्कूल वाले भी मानवाधिकार का पालन करना सीख जाएँ कृपया मदद करके हमें अनुग्रहीत करें . बहुत बहुत धन्यवाद .
    प्रार्थी :

    ( डॉ.अशोक कुमार तिवारी )
    हिंदी पी० जी० टी०, के० डी० अम्बानी विद्या मंदिर, रिलायंस टाउनशिप,जामनगर(गुजरात )- ३६११४२
    दिनांक- ०७-5-12 वर्तमान पत्राचार का पता :- डॉ.अशोक कुमार तिवारी, पी -२०१. इन्द्रप्रस्थ टॉवर, निकट – हिमालया माल, ड्राइव इन रोड, अहमदाबाद – ३८० ०५२, संपर्क- ९४२८०७५६७४, ८१२८४६५०९२, ईमेल -Dr.ashokkumartiwari@gmail.com,
    ashokktiwari07@yahoo.co.in

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  2. संतोष पटेल , संपादक : भोजपुरी ज़िन्दगी, तिमाही भोजपुरी पत्रिका, नई दिल्ली says:

    एक तमाशा बन कर रह गया हूँ
    या कोई तमाशा कर रहा हूँ मैं !!

    बहुत सुन्दर रचना, साधारण शब्दों में असाधारण बातें बोल जाते है आशीष भाई.
    साधुवाद.

  3. अच्छा प्रेषण और इस पोस्ट मुझे मेरे कॉलेज के काम में एक बहुत मदद की. आप अपनी जानकारी के रूप में कृतज्ञता.

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