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राजा भैया पुन: मंत्रिपरिषद में शामिल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कुंडा (प्रतापगढ़) के निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को पुन: मंत्रिपरिषद में शामिल कर लिया है। राजभवन में आयोजित एक सादा समारोह में राज्यपाल बीएल जोशी ने राजा भैया को कैबिनेट मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और वरिष्ठ मंत्री आजम खां मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि मार्च महीने में प्रतापगढ़ के बलीपुर गांव में कुंडा के पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक समेत तिहरे हत्याकाण्ड में नाम आने के बाद राजा भैया ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था। तब वह अखिलेश सरकार में खाद्य एवं रसद आपूर्ति मंत्री थे। बलीपुर कांड में मारे गये पुलिस उपाधीक्षक हक की पत्नी परवीन आजाद की तरफ से दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में राजा भैया को भी नामजद किया गया था। बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी थी, जिसने राजा भैया को क्लीन चिट दे दी थी और उसके बाद से ही उन्हें पुन: मंत्रिपरिषद में शामिल किये जाने की संभावनाओं को लेकर कयासबाजी शुरू हो गयी थी। अखिलेश मंत्रिपरिषद का पिछला विस्तार 18 जुलाई को हुआ था। राजा भैया सहित अब अखिलेश मंत्रिपरिषद में 22 कैबिनेट मंत्रियों को लेकर कुल 59 मंत्री हो गये हैं। संवैधानिक व्यवस्था के तहत मंत्रिपरिषद में अभी एक और मंत्री को शामिल किये जाने की गुंजाइश बची हुई है।

यह पूछे जाने पर कि कहीं आपको मंत्रिमण्डल में दोबारा शामिल किये जाने के पीछे मुजफ्फरनगर कांड के बाद क्षत्रिय नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर सपा के प्रति उभरी नाराजगी दूर करने की कोशिश तो नहीं है, राजा भैया ने कहा, ‘‘जहां तक मैं समझता हूं, सपा और पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव की कार्यशैली में जातिवाद जैसी कोई बात नहीं है।’’ इस सवाल पर कि क्या मंत्रिमण्डल में पुन: शामिल किये जाने के बाद मुजफ्फरनगर जाकर क्षत्रिय समाज की नाराजगी दूर करेंगे, उन्होंने कहा ‘‘मैं पूरे प्रदेश का मंत्री हूं। मुख्यमंत्री मुझे जो भी जिम्मेदारी सौंपेंगे, उसे पूरा करूंगा।’’

यह पूछे जाने पर कि कुंडा में पुलिस उपाधीक्षक हत्याकाण्ड को लेकर मंत्रिमण्डल से हटाए जाने के बाद आपके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं थीं, राजा भैया ने कहा, ‘‘आप जो चाहें चर्चा करें, कम है..यह भी मीडिया की ही देन थी।’’ कुंडा काण्ड में साजिशन फंसाये जाने के अपने दावे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘साजिश रचने वालों का नाम गोपनीय ही रहने दें।’’ इस साजिश में कांग्रेस का हाथ होने की आशंका के बारे में राजा भैया ने कहा, ‘‘हो सकता है।’’ वरिष्ठ काबीना मंत्री आजम खां से तल्खी भरे रिश्तों के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘आजम खां से कभी रिश्ते नहीं बिगड़े थे, मीडिया जिससे चाहे रिश्ते बिगाड़ दे और जिससे चाहे बना दे।’

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