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भाजपा विधायक संगीत सोम रिहा

सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम को देवबंद कोर्ट से परवाना जारी होने के बाद मुजफ्फरनगर जिला कारागार प्रशासन ने सोमवार शाम  कर दिया। सींखचों से मुक्त होते ही समर्थकों से घिरे विधायक ने सरकार को ललकारा और मंत्री आजम खां से इस्तीफा देने की मांग की। कहा, रासुका पर सच्चाई की जीत हुई और सरकार को मुहं की खानी पड़ी।

संगीत सोम के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि देवबंद के मामले में कोर्ट द्वारा परवाना जारी करने के बाद जेल अधीक्षक ने शाम करीब पांच बजे संगीत सोम को रिहा कर दिया।

समर्थकों की नारेबाजी के बीच विधायक संगीत सोम ने सरकार के खिलाफ वही पुराने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि वोट की खातिर सरकार ने मुजफ्फरनगर और शामली को दंगे की आग में झोंक दिया। शांति और सौहार्द कायम करने वालों पर रासुका लगा दी। मंत्री आजम खां ने दंगे की साजिश रची लेकिन सरकार ने दंगे के इस असल आरोपी से इस्तीफा नहीं लिया। अब तो आजम खां को रासुका बोर्ड के फैसले के बाद इस्तीफा दे देना चाहिये था। ऐसी सरकार को अब सत्ता में रहने का कतई अधिकार नहीं है। वोटों की खातिर जनता पर जुल्म ढहाने वाली इस सरकार के खिलाफ अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहेगा।

सुरेश राणा को कुछ दिन और रहना होगा जेल में

थानाभवन से भाजपा विधायक सुरेश राणा की जमानत अर्जी पर जनपद न्यायाधीश कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी। शासकीय अधिवक्ता ने क्राइम हिस्ट्री मंगाने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जिसपर कोर्ट ने सुनवाई दो दिन के लिए टाल दी। रासुका हटने के बाद जल्द रिहाई की उम्मीद कर रहे समर्थकों को इससे झटका लगा है। शामली के शिव चौक पर धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में कैराना कोर्ट ने सुरेश राणा की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। उनके अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह और अशोक कुमार सिंह ने मुजफ्फरनगर जनपद न्यायाधीश रमा जैन की कोर्ट में सुरेश राणा को जमानत देने का प्रार्थना पत्र दिया था। अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान डीजीसी दुष्यंत त्यागी ने सुरेश राणा की क्राइम हिस्ट्री मंगाने का प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर कोर्ट ने 13 नवंबर को सुनवाई के लिए कहा है।

कवाल कांड: तीन हत्यारोपियों का आत्मसमर्पण

कवाल में हुई मलिकपुरा गांव निवासी सचिन-गौरव की हत्या के मामले में नामजद तीन आरोपियों नदीम व जहांगीर पुत्रगण सलीम व मुज्जमिल पुत्र नसीम ने सोमवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इनमें एक आरोपी मृतक शहनवाज का भाई है। कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अभी दो लोग फरार हैं।

गौरतलब है कि 27 अगस्त को मलिकपुरा निवासी सचिन व गौरव की कवाल के बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पूरा जिला दंगे की आग में जल गया था। पचास से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए थे। इसके अलावा हजारों लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा था।

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